शाहाबाद: दो माह से लैब में पड़ा है ताला, दर दर भटक रहे मरीज

शाहाबाद हरदोई। हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाले स्वास्थ्य मंत्री के दावे अपने ही जिले में पूरी तरह से फेल होते दिख रहे हैं। शाहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले दो माह से रीजेंट के अभाव में लैब बंद पड़ी है। मरीज दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, और प्राइवेट जांच करवा रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आला हुक्मरान सीएचसी शाहाबाद के प्रति पूरी तरह से आंख बंद किए हुए बैठे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं की ऐसी की तैसी हो गई है। केंद्र और प्रदेश सरकार स्वास्थ्य के प्रति बड़े-बड़े दावे कर रही है कि उसने समस्त सरकारी अस्पतालों में दवाओं सहित समुचित व्यवस्था कर दी है अब क्षेत्रीय लोगों को सरकारी अस्पताल में काफी सहूलियतें मिलने लगी हैं। लेकिन सरकार के दावे पूरी तरह से हवा हवाई साबित हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के अपने गृह जनपद के शाहाबाद समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते पिछले दो माह से लैब बंद पड़ी हुई है। यहां आने वाले मरीजों को प्राइवेट जांच करने के लिए लिख दिया जाता है। मरीज का आर्थिक नुकसान हो रहा है और दर-दर की ठोकने खा रहे हैं लेकिन लैब नहीं खुल पा रही। अधीक्षक प्रवीण दीक्षित द्वारा लैब टेक्नीशियन कुलदीप यादव की अग्रिम आदेशों तक सीबी नाट जांच हेतु कमरा नंबर 38 में ड्यूटी लगा दी गई है और लैब को बंद कर दिया गया। लैब पर यह नोटिस भी चश्पा कर दिया गया है। फोटो में बंद लैब दिखाई दे रही है जिस पर नोटिस भी चश्पा है ताकि यहां जांच कराने के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी न हो और वह प्राइवेट जांच करा सकें। बताया यह गया कि रीजेंट की कमी की वजह से जांच नहीं हो पा रही हैं। फिलहाल जांच कराने के लिए अस्पताल आने वाले मरीजों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है और दर-दर की ठोकर अलग से खानी पड़ रही है। अधीक्षक प्रवीण दीक्षित का कहना है कि लैब ठीक चल रही है लेकिन लेकिन बंद लैब में लगा नोटिस आखिर किस बात की गवाही दे रहा है ?
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