मणिपुर में सुरक्षा बलों की कार्रवाई: दो जिलों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद, उग्रवादी गिरफ्तार
मणिपुर में पिछले दो साल से हालात तनावपूर्ण हैं। रुक-रुक कर हिंसक घटनाओं की वजह से सुरक्षा बलों की चुनौतियां बढ़ गई हैं। इन घटनाक्रमों के बीच एन. बीरेन सिंह ने 9 फरवरी को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था।

इंफाल (आरएनआई) मणिपुर के काकचिंग और इंफाल पश्चिम जिलों में भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और अन्य जंगी सामान बरामद किए गए हैं। पुलिस ने इंफाल पश्चिम जिले में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (पीडब्ल्यूजी) के एक कैडर को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस को काकचिंग जिले के टोकपाचिंग मोइरंगखोम हिल रेंज में गोला-बारूद, डेटोनेटर समेत भारी मात्रा में संदिग्ध सामान मिला। ऐसे ही इंफाल पूर्वी जिले में एक स्कूल के सामने यारलपत इलाके से हिंसक घटनाओं को अंजाम देने के मकसद से रखे गए सामान का एक और जखीरा बरामद किया गया।
काकचिंग में पुलिस को क्या-क्या मिला?
दो एसएमजी कार्बाइन बिना मैगजीन
एक .303 राइफल मैगजीन के साथ
एक सिंगल बैरल गन
दो डबल बैरल गन
एक मोडिफाइड स्नाइपर राइफल
एक मोडिफाइड 9 एमएम पिस्तौल मैगजीन के साथ
तीन मोर्टार शेल
दो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी)
दो ग्रेनेड
इंफाल पूर्वी जिले से क्या-क्या मिला
एक .303 राइफल
303 जिंदा कारतूसों की 16 गोलियां
दो लेथोड 40 एमएम बंदूकें, गोला-बारूद
एक .303 राइफल मैगजीन
एक छोटी कार्बाइन
एक छोटी कार्बाइन हैंडमेड मैगजीन
एक 9 एमएम पिस्तौल
सात डेटोनेटर
दो हथगोले और अन्य सामान
बरामद वस्तुओं को कानूनी कार्रवाई के लिए पोरोमपत पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है। दोनों जिलों से बरामदगी बुधवार को की गई। जातीय संघर्ष से ग्रस्त राज्य में लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को स्वेच्छा से सौंपने के लिए लोगों को दी गई दो सप्ताह की अवधि के बाद एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन राज्य में हथियार और गोला-बारूद लगातार मिल रहे हैं।
गिरफ्तार किए गए 45 वर्षीय उग्रवादी कैडर के बारे में पुलिस ने बताया कि उसे बुधवार को इंफाल पश्चिम जिले के लामसांग बाजार से पकड़ा गया था। वह कथित तौर पर राज्य की राजधानी इंफाल और उसके आसपास के सरकारी अधिकारियों से पैसों का उगाही में शामिल था।
मई 2023 में इम्फाल घाटी स्थित मैतेई और पड़ोसी पहाड़ी आधारित कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़कने के बाद से 260 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग पर मणिपुर हाईकोर्ट के आदेश के विरोध में पहाड़ी जिलों में आयोजित 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के बाद झड़पें शुरू हुईं थीं।
मणिपुर में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के 9 फरवरी को इस्तीफा देने के बाद 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। राज्य विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक था।
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