पत्नी की हत्यारे पति को न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास एवं ₹5000 अर्थ दंड की सजा

मामला अपर सत्र न्यायाधीश महोदय राघौगढ़ के न्यायालय में था विचाराधीन था घटना जामनेर थाने के अंतर्गत ग्राम गोचाआमल्या की।

Feb 28, 2025 - 15:21
Feb 28, 2025 - 15:22
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पत्नी की हत्यारे पति को न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास एवं ₹5000 अर्थ दंड की सजा

गुना (आरएनआई) अपर लोक अभियोजक  राकेश व्यास ने बताया कि 25 /11/ 2022 को फरियादी बब्लेश उर्फ बबलू ने थाना जामनेर में उपस्थित होकर उसकी भाभी विमलेश बाई खंगार की मृत्यु के संबंध में सूचना दिए जाने पर थाना जामनेर के मार्ग क्रमांक 27/ 22 धारा 174 का मर्ग कायम कर जांच में लिया गया। जांच के दौरान फरियादी बब्लेश खंगार के कथन लेख किये गये जिसमें उसने बताया कि वह 6 भाई हैं सबसे बड़े सुरेश उससे छोटे कालूराम उससे छोटा जगदीश उससे छोटा चैन सिंह उससे छोटा रमेश एवं सबसे छोटा वह है जगदीश खंगार गांव से बाहर गोचा नदी के किनारे बने घर पर रहता है। जगदीश के कोई बच्चा बच्ची नहीं है फरियादी के तीन लड़के हैं फरियादी के भाई जगदीश ने उसके बड़े लड़के आकाश को गोद ले लिया था आकाश उनके पास ही रहता था दिन में आकाश उनके पास रहता था और रात में वापस घर आ जाता था उसके भाई जगदीश की पत्नी विमलेश बाई उसकी रिश्ते में साली लगती है उसका भाई जगदीश उसके लड़के आकाश को रात में उनके घर पर रुकने नहीं देता है। जगदीश शुरू से ही भाभी विमलेश के चला चलन पर शक करके उनको आए दिन निर्दयतापूर्वक मारता पिटता था। और उन सभी लोगों पर शक करता था जगदीश उसके लड़के आकाश पर भी शक करता था इसलिए जगदीश आकाश को उसके घर रूकने नहीं देता था। जगदीश आए दिन उन सभी लोगों से लड़ाता झगड़ता था उनकी भाभी का चाल चलन बहुत अच्छा था। दिनांक 24/ 11 /22 को शाम करीब 6:30 बजे उसका लड़का आकाश घर पर आया और आकाश ने उसे बताया कि मौसी विमलेश और दादा जगदीश दोनों घर पर हैं पता नहीं किस बात पर लड़ झगड़ रहे हैं उसका भाई जगदीश आए दिन  विमलेश से लड़ाई झगड़ा करता था। रात करीब ना 9:30 बजे उसके मोबाइल पर भाई जगदीश के मोबाइल से फोन आया उसने उसके मोबाइल को स्पीकर पर कर दिया और उसका लड़का आकाश उनके पास ही खड़ा था ।उसकी व उसके भाई जगदीश की फोन की पूरी बात स्पष्ट सुनाई दे रही थी भाई जगदीश फोन पर उससे कह रहा था कि मैंने तुम्हारी भाभी विमलेश को मार दिया है तुम कहां हो गांव के सरपंच रघुवीर मीना को बुलाकर घर पर आ जाओ और मुझे बचा लो फिर उसने अपने लड़के आकाश को  जगदीश के द्वारा  विमलेश को मारने वाली बात बताई और फिर वह आकाश एवं सरपंच रघुवीर मीना जगदीश के घर पर पहुंचे उन लोगों ने घर के अंदर जाकर देखा तो विमलेश खून में लतपथ पलंग पर पड़ी थी और जगदीश उनके पास ही खड़ा था तथा पलंग के पास ही खून लगा हुआ हसिया एवं एक खून लगा हुआ लटट पड़ा था फिर उन्होंने देखा तो भाभी की सांस नहीं चल रही थी भाभी खत्म चुकी थी फिर वह लोग जगदीश को भाभी की लाश के पास छोड़कर भाई सुरेश को बुलाने चले गये और उन सब ने बड़े भाई सुरेश को विमलेश की भाई जगदीश के द्वारा मारने वाली बात बताई बताया कि जगदीश उनके घर पर बैठा है। फिर सभी जगदीश के घर पहुंचे तो वहां पर जगदीश नहीं था वह खून लगा हुआ हसिया एवं लटट  लेकर कहीं भाग गया था फिर उन लोगों ने कुछ देर तक जगदीश को ढूंढने पर   नहीं मिलने पर सभी लोग थाने पर विमलेश की मृत्यु की सूचना देने गए थे ।उसने थाने पर रिपोर्ट लगाई थी उसका भाई जगदीश काफी सनकी किस्म का व्यक्ति है इसलिए उसने डर के कारण जगदीश के द्वारा विमलेश की हत्या करने वाली बात रिपोर्ट में नहीं लगाई थी फिर वे लोग रिपोर्ट लिखकर घर वापस आ गए थे जगदीश घर पर नहीं मिला था जगदीश विमलेश को मार कर फरार हो गया था फिर उसने पुलिस को जगदीश के द्वारा भाभी विमलेश की हसिया एवं लटट मारकर हत्या की बात  स्वयं जगदीश ने उसे फोन लगाकर यह सब उसके घर पर  बताई थी तब उसका लड़का आकाश एवं सरपंच रघुवीर मीना को बतायी थी किंतु जगदीश के डर के कारण उसने यह बात थाने पर रिपोर्ट लिखते समय नहीं बताई थी कि उसके भाई जगदीश ने ही उसकी भाभी विमलेश की हत्या हसिया एवं लठ मार कर  की है जांच के दौरान साक्षी आकाश खंगार ,राजू खंगार, सरस्वती बाई ,भूरा खंगार एवं सरपंच रघुवीर सिंह मीना से पूछताछ कर उनके कथन लेख किए गए। जिसमें उन्होंने फरियादी के कथन का समर्थन किया जांच उपरांत प्रथम दृष्टाए आरोपी जगदीश के विरुद्ध धारा 302, 201 भा.द.वि.का कृत्य करना पाए जाने से थाना जामनेर के अपराध क्रमांक 17/ 2023 अंतर्गत धारा 302 ,201 भादवि की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेख कर विवेचना में ली गई ।
विवेचना के दौरान घटनास्थल का नक्शा मौका तैयार किया गया फरियाद एवं साक्षीगण के कथन लेख किए गए आरोपी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ कर उसका धारा 27 साक्षी विधान का मेमोरेंडम लेख किया गया एवं घटनास्थल से खून आलूदा कंक्रीट सीमेंट एवं सादा क्रिकेट सीमेंट जप्त कर जप्ती पंचनामे  तैयार किए गए आरोपों के द्वारा लठ हसिया शर्ट एवं तालियां पेश करने पर उन्हें जप्त कर जपती पंचनामे तैयार किए गए प्रकरण में जप्तसुदा मुद्दे माल को एफएसएल ग्वालियर जांच हेतु भेजा गया अनुसंधान की अन्य महत्वपूर्ण कार्यवाही उपरांत अभियुक्त जगदीश खंगार के विरुद्ध अपराध धारा 302 एवं 201 भादवि में अभियोग पत्र संबंधित न्यायालय में प्रस्तुत किया गया
प्रकरण सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय  होने से प्रकरण को अपर सत्र न्यायाधीश महोदय राघौगढ़ के न्यायालय में कमिट किया गया जो न्यायालय के  सत्र प्रकरण क्रमांक 17/ 23 पर दर्ज किया गया व प्रकरण का विचारण प्रारंभ किया गया अभियोजन द्वारा प्रकरण के समर्थन में 15 साक्षीओ को न्यायालय में परीक्षित कराया एवं 35 दस्तावेज प्रकरण के समर्थन में न्यायालय में प्रस्तुत की एवं चार आर्टिकल न्यायालय में चिन्हित करायें गये

प्रकरण में महत्वपूर्ण यह रहा की प्रकरण के सभी साक्षी अभियुक्त के परिवार के सदस्य थे जिनमें से अधिकतम साक्षी न्यायालय में पक्ष विरोधी हो गए जिन्होंने प्रकरण का समर्थन नहीं किया किंतु अभियोजन द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेज एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार  पर अभियोजन न्यायालय के समक्ष प्रकरण को अभियोजन की कहानी की अनुरूप प्रमाणित करने में सफल रहा बचाव पक्ष एवं अभियोजन की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने यह माना कि अभियोजन अपने प्रकरण को संदेश से परे प्रमाणित करने में सफल रहा है न्यायालय ने आरोपी जगदीश खंगार पुत्र बंशीलाल खंगार निवासी ग्राम गोचाआमल्या थाना धरनावदा को अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास एवं 5000 के अर्थदंड से दंडित किए जाने की सजा सुनायी प्रकरण में अभियोजन की ओर से प्रकरण का संचालन अपर लोक अभियोजक  राकेश व्यास द्वारा किया गया।

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